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शिवसेना ने नहीं लिया भाग लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के बाद ऐसे दिलचस्प आंकड़े आये सामने, देखकर…

18 जुलाई को शुरू हुए मानसून सत्र के पहले ही दिन टीडीपी ने कांग्रेस और अन्य 3 पार्टियों के साथ सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया था. जिसे पहली बार में ही सदन में स्वीकार कर लिया गया था. जिसपर 20 जुलाई को सदन में गरमा-गरम बहस होने के बाद वोटिंग होनी थी. 20 जुलाई को सदन की कार्रवाई की शुरुआत जय श्री राम के नारों के साथ शुरू हुई. जिसके बाद टीडीपी के नेता जयदेव गल्ला ने अपनी बात रखते हुए कार्रवाई शुरू की. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए यही कहा कि केंद्र सरकार ने आंध्र-प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया.

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टीडीपी के इन सवालों का जवाब बीजेपी की तरफ से राकेश सिन्हा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हम देश के अन्य राज्यों के साथ भेदभाव नहीं कर सकते, हमें सभी राज्यों को ध्यान में रखकर ही कदम उठाने होते हैं. इसके बाद उन्होंने बीजेपी सरकार की तमाम उपलब्धियों के बारे में सदन में बैठे सभी लोगों को अवगत कराया. फिर उसके बाद नंबर आया राहुल गाँधी के भाषण का. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते-साधते इतना बोल गये कि सदन में बैठे सभी लोगों के सामने राहुल गाँधी की हंसी बन गयी. दरअसल राहुल गाँधी कहते हैं कि “पीएम मोदी बाहर नहीं जाते हैं” जिसके बाद उनके ये बोल सुनने के बाद सदन में सभी लोग हंसने लगते हैं. फिर कहने लगते हैं कि बाहर तो जाते हैं लेकिन ट्रम्प और ओबामा से मिलने.

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इसके बाद राहुल गाँधी ने अपना भाषण खत्म करते हुए पीएम मोदी को उनकी कुर्सी पर जाकर जबरन गले लगाया. जिसके चलते सुमित्रा महाजन लोकसभा स्पीकर ने उन्हें जमकर लताड़ा था. उन्होंने कहा था कि सदन की गरिमा को सभी बनाएं रखें, पीएम मोदी जी की कुर्सी पर इस तरह पहुंचकर आप जो कर रहे हैं वो गलत है ऐसा ही करना है तो सदन से बाहर जाकर करें. इसके बाद पीएम मोदी जी ने अपने भाषण द्वारा कांग्रेस की जमकर क्लास लगाई. ‘मैं यहां खड़ा भी हूं और जो 4 साल में कार्य किये हैं काम करें है उस पर अड़ा भी हूं. भारत ने अपने साथ ही पूरी दुनिया के आर्थिक विकास को गति दी है. देश को विश्वास है, दुनिया को विश्वास है लेकिन जिनको खुद पर विश्वास नहीं है वे हम पर क्या विश्वास करेंगे. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर कांग्रेस को इतनी शक्ति दें कि वह 2024 में फिरसे अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ सके.’फिर नंबर आया अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष और विरोध में वोटिंग का है. फिर जो हुआ उसके बारे में विपक्ष ने सोचा भी नही होगा.

गौरतलब है कि सदन में चर्चा के बाद अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में जितने वोट पड़े जानकर आप भी हैरत में पड़ जायेंगे. विपक्ष द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 126 वोट मिले वहीँ इसके विरोध यानी मोदी सरकार के समर्थन में 325 रिकॉर्ड तोड़ वोट पड़े. ये आंकड़े देखने के बाद कईयों के होश उड़ गये. सदन में कुल 425 वोट पड़े. जिसके बाद विपक्ष के एकता की सारी हवा निकल गयी. एनडीए की भी क्षमता 314 थी. इतना ही नहीं शिवसेना के उपस्थित न होने के बावजूद भी 325 वोट मिले. वोटिंग होने के बाद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने ऐलान किया कि मोदी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है. जिसके बाद अपने कुनबे पर भरोसा कर रही विपक्ष की एकता धड़ाम से नीचे आ गिरी है. मोदी सरकार ने बिना शिवसेना के सांसदों का भरोसा जीता और दिखा दिया कि मोदी सरकार की लोकप्रियता आज भी बरकरार है.

News Source-ZeeNews 

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