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जानना नहीं चाहेंगे कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान क्या थी “बीजेपी के चाणक्य” अमित शाह की प्लानिंग ?

बीजेपी सरकार के खिलाफ सभी विपक्षी दल एक होकर लगातार कोई ना कोई चाल चल रहे हैं लेकिन हर बार उन्हें मुंह की खानी पड़ती है.  ज्ञात हो कांग्रेस सरकार 18 जुलाई को बीजेपी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव  लाई थी,  जिसको लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने  मानसून सत्र के पहले ही दिन स्वीकार कर  लिया था. इस अविश्वास प्रस्ताव पर 20 जुलाई को बहस  की गयी जिसमें बीजेपी ने बड़े आराम से बहुमत सिद्ध करते हुए जीत हासिल की.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव के लिए तैयार नहीं था तो चर्चा क्यों हो रही है. लोकतंत्र में कुर्सी की जल्दबाजी क्यों? source : youtube

 तो ये था कांग्रेस का प्लान ? 

खबरों की माने तो कांग्रेस जैसा कि हमेशा से करते आयी है, इस बार भी सत्र को चलने नहीं देना चाहती थी. इसके लिए उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को पेश किया था और सोचा था कि लगभग 10 दिन तक लोकसभा में बीजेपी का ध्यान इसपर रहेगा. ( बता दें अविश्वास प्रस्ताव के स्वीकार होने के बाद अगले 10 में इसपर बहस करने का नियम है ) विपक्ष को उम्मीद थी कि बीजेपी इसपर इतनी जल्दी बहस नहीं करेगी. ऐसा इसलिए क्योंकि जब  कोई अविश्वास प्रस्ताव आता है तो अमूमन इससे निपटने के लिए कुछ रणनीति बनाई जाती है, जिसमें समय लगता है. कांग्रेस चाहती थी कि वो इस समय का फायदा उठाते हुए कुछ और सांसदों को अपनी ओर कर ले लेकिन उनके इस प्लान को अमित शाह ने बर्बाद कर दिया.

 

पीएम मोदी ने Congress पर तंज कस्ते हुए कहा ” दुनिया को विश्वास है, देश को विश्वास है, लेकिन जो खुद पर विश्वास नहीं कर सकते वो किसी पर कैसे विश्वास करेंगे?”

 अविश्वास प्रस्ताव  के खिलाफ ये था अमित शाह का प्लान ?  

दरअसल लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने जब इस अविश्वस प्रस्ताव को स्वीकार किया तो उन्होंने 10 दिन के अंदर इसपर बहस करने को कहा लेकिन अमित शाह ने दो दिन बाद ही ( 20 जुलाई ) को इसपर बहस करने का फैसला लेकर विपक्ष के प्लान पर पानी फेर दिया. एक खबर के अनुसार अमित शाह को पहले से पता था कि 21  जुलाई के दिन कोलकाता में तीसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक रैली आयोजित करेगी. इस रैली के चलते अमित शाह को अंदेशा था कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद व्यस्त रहेंगे और हो सकता है कि लोकसभा में उपस्थित ना रहें. ऐसे में बीजेपी के खिलाफ वोट करने वालों की गिनती कम हो जाएगी…

अमित शाह की इस चाल के बाद एक बार फिर यह साबित हो गया है कि अमित जी ही बीजेपी के असली “चाणक्य” हैं

 

हालाकिं, बीजेपी सरकार बड़े आराम से बहुमत के साथ इस अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ जीत गयी, बीजेपी को 325 वोट मिले तो वहीं कांग्रेस को मात्र 126 वोट मिले थे. अब  जब कांग्रेस को  मुंह के बल गिरना पड़ा है तो ऐसे में बीजेपी के सूत्रों के अनुसार मानसून सत्र के बचे हुए दिनों में बीजेपी आराम से अपना काम कर पायेगी.  

SOURCE जनसत्ता 

 

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